भ्रूतपूर्व अध्यक्ष/पीठाधीश्वर
श्री रामकिंकर दास (मौनी महाराज जी) जिन्हें मौनी महाराज जी के नाम से भी जाना जाता है, संस्था के पूर्व अध्यक्ष/पीठाधीश्वर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन, तपस्या और आध्यात्मिक योगदान से संस्था की नींव मजबूत हुई। उन्होंने धर्म, सेवा और साधना को समर्पित जीवन जीते हुए समाज को प्रेरित किया।